स्कॉटलैंड के केर्रिक और कयी जिले के इस्टरसायर में एक गांव है पटना . यह बिहार के पटना से दस हज़ार कि.मी. और लन्दन से छह सौ कि.मी. की दूरी पर है. इसे विलियम फुल्लार्तों ने १८४६ इस्वी में बसाया था. यह दून नदी के किनारे बसा है. यंहा पटना स्कूल और दून अकादमी भी है.
यह गाँव २०१२ में तब भारतीय समाचार पत्रों में चर्चा में आया जब इंग्लैंड में पढ़े बिहार के तत्कालीन मंत्री श्री नीतीश मिश्रा ने वहां भ्रमण का कार्यक्रम बनाया. एक समाचार पत्र ने स्कॉटलैंड के इतिहासकार जॉन मूर के हवाले से लिखा की विलियम फुल्लार्तों का जन्म बिहार के पटना में हुआ था . जन्म स्थान से प्रेम के कारण ही स्कॉटलैंड में पटना बसाया. पर यह प्रमाणिक तथ्य नहीं है. इसमें और शोध किये जाने की आवश्यकता है. इतना आवश्य है की विलियम फुल्लार्तों ,उनके परिवार या उनके पिता का सम्बन्ध पटना से रहा है.
पटना में १७६७ इस्वी में जब इस्ट इंडिया कंपनी के एजेंट, सैन्य अधिकारी और प्रसाशनिक अधिकारी पलासी के जीत की वर्षगांठ मना रहे थे. तो मीर कासिम ने पटना की घेराबंदी कर इन्हे कैद कर लिया . कई महीने कैद में रखने के बाद दिसम्बर में उनकी हत्या कर दी गयी जो इतिहास में patna massacre से प्रसिद्ध है. कैद के दौरान तीन लोगों ने अपनी डायरी में इस कैद की दास्ताँ दर्ज की . जिसे लगभग १५० साल बाद W.K.Ferminger ने''Dayries Of Three Surgon In Patna'' शीर्षक से प्रकाशित किया .patna massacre के बाद सिर्फ एक व्यक्ति बचे जो इसके चश्मदीद गवाहों में से एक थे. इनका नामWilliam Fullarton of Fullarton था. ये स्कॉटलैंड में पटना बसने वालेविलियम फुल्लार्तों के पिता थे.
यह गाँव २०१२ में तब भारतीय समाचार पत्रों में चर्चा में आया जब इंग्लैंड में पढ़े बिहार के तत्कालीन मंत्री श्री नीतीश मिश्रा ने वहां भ्रमण का कार्यक्रम बनाया. एक समाचार पत्र ने स्कॉटलैंड के इतिहासकार जॉन मूर के हवाले से लिखा की विलियम फुल्लार्तों का जन्म बिहार के पटना में हुआ था . जन्म स्थान से प्रेम के कारण ही स्कॉटलैंड में पटना बसाया. पर यह प्रमाणिक तथ्य नहीं है. इसमें और शोध किये जाने की आवश्यकता है. इतना आवश्य है की विलियम फुल्लार्तों ,उनके परिवार या उनके पिता का सम्बन्ध पटना से रहा है.
पटना में १७६७ इस्वी में जब इस्ट इंडिया कंपनी के एजेंट, सैन्य अधिकारी और प्रसाशनिक अधिकारी पलासी के जीत की वर्षगांठ मना रहे थे. तो मीर कासिम ने पटना की घेराबंदी कर इन्हे कैद कर लिया . कई महीने कैद में रखने के बाद दिसम्बर में उनकी हत्या कर दी गयी जो इतिहास में patna massacre से प्रसिद्ध है. कैद के दौरान तीन लोगों ने अपनी डायरी में इस कैद की दास्ताँ दर्ज की . जिसे लगभग १५० साल बाद W.K.Ferminger ने''Dayries Of Three Surgon In Patna'' शीर्षक से प्रकाशित किया .patna massacre के बाद सिर्फ एक व्यक्ति बचे जो इसके चश्मदीद गवाहों में से एक थे. इनका नामWilliam Fullarton of Fullarton था. ये स्कॉटलैंड में पटना बसने वालेविलियम फुल्लार्तों के पिता थे.
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